सागर के बीना में थाने के अंदर बड़ा हादसा — जमीन विवाद में आरोपी ने कथित तौर पर जहर खाया, हालत गंभीर
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना क्षेत्र में मंगलवार शाम भानगढ़ थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जब ग्राम धमना निवासी मालक सिंह यादव (50) ने थाने में ही कथित तौर पर हानिकारक पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के बाद पुलिस स्टाफ ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सागर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
🔴 जमीन विवाद से शुरू हुआ मामला — दोनों पक्षों पर अपराध दर्ज
मालक यादव ने बताया कि 30 नवंबर को खेत से लौटते समय उनका विवाद राजाराम यादव और पुष्पेंद्र यादव से हुआ था। यह विवाद लंबे समय से जमीन को लेकर चला आ रहा था। उसी दिन दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर अपराध दर्ज किया था।
⚠️ मालक के गंभीर आरोप — “थाना स्टाफ 10,000 रुपये मांग रहा था”
मालक ने आरोप लगाया कि:
- उनके खिलाफ गिरफ्तारी की तैयारी हो रही थी।
- दो दिनों से उन्हें थाने में रोका जा रहा था।
- मामला निपटाने के नाम पर ₹10,000 की मांग की जा रही थी।
- पैसा न देने पर लगातार उन्हें परेशान किया जा रहा था।
मालक के अनुसार, जब पुलिस उन्हें लॉकअप में ले जाने लगी तो वे मानसिक दबाव में आकर थाने में ही जहर जैसा पदार्थ खा गए।
“मुझसे 10,000 रुपये मांगे जा रहे थे। दो दिनों से थाने में बैठा रखा था। पैसा नहीं देने पर परेशान किया जा रहा था।”
🛑 थाना प्रभारी का जवाब — “रिश्वत के आरोप पूरी तरह झूठे”
भानगढ़ थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि मामला मारपीट का दर्ज किया गया था और पूछताछ के लिए बुलाया गया था। थाना प्रभारी का कहना है कि मालक ने यह आरोप इसलिए लगाए कि मामला बंद करवा सके या पुलिस पर दबाव बना सके।
📌 घटना के समय पुलिस की प्रतिक्रिया
थाना प्रभारी के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि मालक संभवतः पहले से हानिकारक पदार्थ साथ लाया था और थाने में आते ही उसने तुरंत वह खा लिया। तुरन्त अस्पताल भेजा गया।
😟 गांव में तनाव — परिवार ने मांगी निष्पक्ष जांच
परिवार और गांव वालों ने निष्पक्ष जांच की माँग उठाई है और पुलिस की भूमिका की भी समीक्षा की मांग की है। दोनों पक्ष चाह रहे हैं कि मामले की गहन और निष्पक्ष जाँच हो।
🔚 निष्कर्ष
भानगढ़ थाने में हुई यह घटना कई सवाल खड़े करती है — क्या आरोपी मानसिक दबाव में था या कुछ और? क्या पुलिस पर लगाए गए आरोप सत्य हैं? फिलहाल मालक सिंह की हालत गंभीर है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सागर में बड़ी कार्रवाई: स्कॉर्पियो से मिला लगभग ₹4 करोड़ कैश — दो आरोपी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक बड़ी खबर है — मोती नगर पुलिस ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी से भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार वाहन से लगभग ₹4 करोड़ के आसपास की राशि जब्त की गई है और इस कार्रवाई में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
🔴 मुखबिर की सूचना पर बड़ी कार्रवाई — गाड़ी रोकी गई और भारी नकदी मिली
मोती नगर थाना को गुप्त सूचना मिली कि एक सफेद स्कॉर्पियो में संदिग्ध नकदी ले जायी जा रही है। पुलिस ने गाड़ी को रोका और तलाशी में भारी मात्रा में नकदी बरामद की — इतनी कि पुलिस ने कहा कि गिनने में दो दिन लग सकते हैं। प्रारंभिक जांच में यह रकम हवाला कारोबार से जुड़ी प्रतीत हो रही है क्योंकि रकम का स्पष्ट स्रोत प्रस्तुत नहीं किया गया।
🛑 दो आरोपी गिरफ्तार — महाराष्ट्र की ओर जा रही थी रकम
पुलिस के अनुसार आरोपी मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की ओर जा रहे थे। संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें गिरफ्तार कर नकदी जब्त की गई और वाहन कब्जे में लिया गया।
📌 आयकर विभाग करेगा आगे की जांच — स्रोत का पता लगाया जाएगा
बरामद रकम की वैधता और स्रोत की जांच के लिए पुलिस ने पूरी राशि आयकर विभाग को सौंप दी है। जबलपुर और सागर की आयकर टीमें धन के स्रोत, लेन-देन और संभावित कर चोरी की जांच करेंगी।
🔍 घटनास्थल पर जांच जारी — पुलिस को बड़ी सफलता
पुलिस का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण सफलता है। अधिकारी रिपोर्ट करते हैं कि रकम का कोई वैध दस्तावेज नहीं था और प्रारंभिक जांच में यह हवाला से जुड़ा प्रतीत होता है। दोनों एजेंसियाँ—पुलिस और आयकर—मिलकर आगे की पड़ताल कर रही हैं।
🔚 निष्कर्ष
सागर जिले में मिली इतनी बड़ी नकदी ने कई सवाल उठाए हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह राशि हवाला रैकेट से जुड़ी थी या किसी अन्य अवैध गतिविधि का हिस्सा। पुलिस ने अपराधी नेटवर्क को चोट पहुंचाने का दावा किया है और आगे सतर्कता बढ़ाने की बात की है।
