सागर के मालथोन में पंचायत की लापरवाही उजागर — टूटी बावड़ी, सड़ी गाय और दूषित पानी से परेशान ग्रामीण

 

सागर के मालथोन क्षेत्र में सरपंच पर गंभीर आरोप — टूटी बावड़ी, सड़ी गाय और भ्रष्टाचार पर ग्रामीणों का रोष

मालथोन क्षेत्र में सरपंच पर गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश के सागर जिले के मालथोन क्षेत्र की ग्राम पंचायत नाऊंढाना में सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत वर्षों से गाँव की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है, जिसके कारण लोगों का जीवन कठिन हो गया है।


🔴 चार साल से टूटी बावड़ी, सड़ी हुई गाय और दूषित पानी — ग्रामीणों की बड़ी समस्या

ग्रामीणों ने बताया कि गाँव की पुरानी बावड़ी चार साल से टूटी हुई है, और कई बार शिकायत के बाद भी कोई मरम्मत नहीं कराई गई।

कुछ दिन पहले एक गाय बावड़ी में गिरकर मर गई, और ग्रामीणों के अनुसार:

  • 10 दिन से सड़ी हुई गाय पानी में पड़ी है
  • पूरे गाँव में वही दूषित पानी पीने के लिए जा रहा है
  • बदबू इतनी बढ़ गई है कि ग्रामीण घरों में बैठ भी नहीं पा रहे

ग्रामीणों का आरोप है:

“चार साल से पंचायत को बताते आ रहे हैं, फोटो दिखाए, आवेदन दिया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

⚠️ ग्रामीणों का आरोप — सरपंच खुद को मंत्री का खास बता धमकाता है

कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि पंचायत के सरपंच लोगों से कहते हैं कि वे क्षेत्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के ‘खास’ हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती।

  • शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जाता है
  • पंचायत की ओर से समस्याएँ जानबूझकर अनदेखी की जाती हैं
  • गाँव में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाएँ महीनों से ठप हैं

एक ग्रामीण ने कहा:

“हमारी न तो सुनवाई होती है, न मदद। सरपंच कहता है— मैं मंत्री का खास हूँ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

⛔ मंदिर के जीर्णोद्धार का पैसा आया, लेकिन काम नहीं मिला

गाँव के मंदिर के लिए ₹25 लाख का अनुदान आया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि:

  • मंदिर पर कोई काम नहीं हुआ
  • भगवान को जल चढ़ाने तक की व्यवस्था ठीक नहीं है
  • पैसा कहाँ गया, इसकी कोई जानकारी पंचायत नहीं दे रही

एक बुजुर्ग ने बताया:

“गर्मी में चार साल से मंदिर में पूजा तक ठीक से नहीं हो पा रही। सब फाइलों में ही काम दिखाते हैं।”

😔 ग्रामीणों का दर्द — बीमारी बढ़ी, बदबू से हाल बेहाल

ग्रामीणों का कहना है कि:

  • दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार हो गए
  • बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएँ सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं
  • पंचायत को कई बार सूचना देने के बाद भी कोई सफाई दल नहीं आया

एक ग्रामीण ने बताया:

“101 दिन से गंदा पानी पी रहे हैं। बदबू के कारण न खाना खा पा रहे, न सो पा रहे। प्रशासन अगर अब भी नहीं जागा तो स्थिति और खराब होगी।”

🙏 ग्रामीणों की प्रशासन से मांग

  • बावड़ी से सड़ी गाय को तुरंत निकाला जाए
  • बावड़ी की मरम्मत जल्द से जल्द हो
  • पंचायत की लापरवाही की जांच हो
  • सरपंच और सचिव पर कार्रवाई की जाए
  • गाँव में साफ-सफाई और शुद्ध पानी की व्यवस्था तुरंत की जाए

🔚 निष्कर्ष

सागर के इस गाँव की स्थिति दर्शाती है कि जब स्थानीय प्रशासन और पंचायत मिलकर काम न करें, तो आम लोगों का जीवन कितना प्रभावित हो सकता है। टूटी बावड़ी, सड़ा पानी, मंदिर का अधूरा काम और पंचायत की कथित धमकियाँ यह दिखाती हैं कि समस्या सिर्फ लापरवाही की नहीं, बल्कि जवाबदेही की है।

ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन जल्द एक्शन लेकर गाँव को राहत देगा।

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